जगनेर में बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल, सड़कें बनीं तालाब, दुकानों में घुसा पानी, देखिए तस्वीरें..


जगनेर। रविवार को हुई बारिश ने जगनेर कस्बे की जलनिकासी व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। आसमान से हुई बारिश थम गई, लेकिन कस्बे की सड़कों और बाजार की गलियों में पानी ऐसा जमा हुआ कि राहगीरों को सड़क नहीं, बल्कि पानी के बीच से रास्ता तलाशना पड़ा। कहीं लोग छाता लेकर घुटनों तक पानी में चलते दिखाई दिए तो कहीं दुकानदार अपनी दुकानों के अंदर भरे पानी के बीच सामान बचाने की जद्दोजहद करते नजर आए।


Dehatnews Today की मौके से सामने आई तस्वीरें जगनेर की बदहाल जलनिकासी व्यवस्था की कहानी खुद बयां कर रही हैं। बाजार की सड़कें पानी से लबालब हैं। दुकानों के सामने जलभराव है और कई दुकानों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। एक तस्वीर में दुकानदार अपनी दुकान के भीतर पानी के बीच बैठा नजर आ रहा है। सवाल यह है कि अगर बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था इतनी कमजोर है तो व्यापारियों और आम लोगों की परेशानी का जिम्मेदार आखिर कौन है?

बारिश आई और चली गई, लेकिन जगनेर की समस्या वहीं रह गई

बारिश कोई असामान्य घटना नहीं है। हर वर्ष मानसून आता है और बारिश होती है। ऐसे में सवाल बारिश पर नहीं, उस व्यवस्था पर है जो बारिश के पानी को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए जिम्मेदार है।

अगर कुछ समय की बारिश के बाद ही सड़कें जलमग्न हो जाएं और पानी दुकानों तक पहुंच जाए तो यह सिर्फ जलभराव नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर कमी का संकेत है।

व्यापारियों के सामने दोहरी मार


दुकानदारों के लिए यह सिर्फ आने-जाने की परेशानी नहीं है। दुकानों में पानी घुसने से सामान खराब होने का खतरा पैदा हो जाता है। व्यापार पहले ही कई चुनौतियों से गुजर रहा है और ऐसे में बारिश का पानी अगर दुकान के अंदर पहुंच जाए तो नुकसान सीधे दुकानदार की जेब पर पड़ता है।

राहगीरों की भी बढ़ी परेशानी


जलभराव के बीच बाइक और पैदल निकलते लोगों की तस्वीरें बताती हैं कि आम लोगों के लिए स्थिति कितनी मुश्किल रही। पानी की गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण सड़क पर चलना भी जोखिम भरा हो सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए ऐसी स्थिति और अधिक परेशानी वाली बन जाती है।

सबसे बड़ा सवाल जिम्मेदार विभाग से


जगनेर में जलभराव की तस्वीरें सामने आने के बाद अब सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार विभागों की तैयारी कहां है?

क्या बारिश से पहले नालियों की पर्याप्त सफाई हुई थी?

क्या उन स्थानों को चिन्हित किया गया है जहां हर बार जलभराव होता है?

क्या पानी की निकासी के लिए कोई स्थायी योजना है?

और सबसे बड़ा सवाल, अगर हर बारिश के बाद यही तस्वीर दोहरानी है तो समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक क्या किया गया?

जनता को चाहिए स्थायी समाधान, सिर्फ आश्वासन नहीं

जगनेर के लोगों को ऐसी व्यवस्था चाहिए जिसमें बारिश उनके लिए आफत न बने। नालियों की नियमित सफाई, जलनिकासी मार्गों की सही व्यवस्था और जलभराव वाले स्थानों पर स्थायी समाधान की जरूरत है।

Dehatnews Today प्रशासन और संबंधित जिम्मेदार विभागों से अपील करता है कि तस्वीरों को सिर्फ सोशल मीडिया की खबर समझकर नजरअंदाज न किया जाए। इन तस्वीरों में आम जनता, दुकानदारों और राहगीरों की वास्तविक परेशानी दिखाई दे रही है।

आज सड़क पर पानी है, कल पानी उतर जाएगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या अगली बारिश में फिर यही तस्वीर सामने आएगी?

जगनेर जवाब चाहता है।

Dehatnews Today इस मामले में संबंधित जिम्मेदार विभाग का पक्ष भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा। यदि प्रशासन की ओर से जलभराव की समस्या को लेकर कोई कार्रवाई या आधिकारिक जवाब सामने आता है तो उसे भी पाठकों तक पहुंचाया जाएगा।

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