देहात न्यूज टुडे, जगनेर। पुलिस का चेहरा सिर्फ सख्ती का नहीं होता, जरूरत पड़ने पर वो एक हमदर्द और मददगार भी बन जाती है। इसका जीता-जागता उदाहरण सोमवार को बसई जगनेर में देखने को मिला।
जहां पुलिस ने वर्दी से बढ़कर इंसानियत का फर्ज निभाया। गुगावंद गांव से डाक कांवड़ लेकर जा रहे श्रद्धालुओं में से एक कांवड़िए की कांवड़ कठुमरी मोड़ के पास अचानक टूट गई। इस वजह से मंजिल के बहुत करीब आने के बाद भी पूरी यात्रा रुकने वाली थी।
सुबह करीब 5:30 बजे हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही बसई जगनेर के थाना प्रभारी अमर राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि कांवड़िए के पैर में चोट भी लगी है और कांवड़ टूटने से सभी परेशान हैं।
इसके बाद थाना प्रभारी ने बिना देरी किए अपनी निजी कार से कांवड़ियों को लेकर सोरों गंगा जी का रुख किया। वहां से नई कांवड़ लाकर वह वापस कठुमरी मोड़ लौटे और श्रद्धालुओं को सौंप दी। इतना ही नहीं, थाना और स्टाफ के सभी पुलिसकर्मी भी कांवड़ियों के साथ मंदिर तक गए और जलाभिषेक पूरे विधि-विधान से कराया।
थाना प्रभारी के इस काम से गांव में माहौल भावुक हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस की इस मदद को सराहा और पूरी टीम का स्वागत सम्मान किया। इस दौरान गांव वालों ने कहा कि पुलिस का काम सिर्फ कानून व्यवस्था देखना नहीं है, जरूरत पड़ने पर जनता के साथ खड़े होना भी असली पुलिसिंग है।
ग्रामीणों ने थाना प्रभारी अमर राणा और बसई जगनेर पुलिस टीम के इस मानवीय कदम को जनसेवा की बड़ी मिसाल बताया।