आगरा। जिले में बच्चों को डायरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान को तेज कर दिया है। शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से डायरिया जागरूकता प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ये वाहन जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को डायरिया के कारण, लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी देंगे।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नंदन सिंह और अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि गोपाल ने प्रचार वाहनों को रवाना किया। अधिकारियों ने बताया कि 25 जून से 25 अगस्त तक जिले में डायरिया रोको अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य पांच वर्ष तक के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित रखना और लोगों को समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस वर्ष अभियान की थीम "स्वच्छ जल, समुचित उपचार – डायरिया से बचें हर बार" रखी गई है। अभियान के दौरान लोगों को ओआरएस घोल और जिंक की गोलियों के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। इस अभियान में पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल (पीएसआई) इंडिया और केनव्यू भी सहयोग कर रहे हैं।
बरसात के मौसम में बढ़ जाता है डायरिया का खतरा
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि बारिश और उमस के मौसम में छोटे बच्चों में डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। दूषित पानी पीना, बिना हाथ धोए भोजन बनाना या बच्चे को खाना खिलाना, खुले में शौच करना और बच्चों के मल का सही तरीके से निस्तारण न करना इसके प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि शौच के बाद, बच्चों का मल साफ करने के बाद तथा भोजन बनाने और खिलाने से पहले साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं। यदि बच्चे को दिन में तीन या उससे अधिक बार दस्त हों तो उसे तुरंत ओआरएस का घोल पिलाएं और उम्र के अनुसार जिंक की गोलियां दें। साथ ही बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक कुलदीप भारद्वाज, आकाश गौतम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा पीएसआई इंडिया के प्रतिनिधि पंकज कुमार, आरती और सोनल मौजूद रहे।